अडानी ग्रुप की अडानी पॉवर लिमिटेड कंपनी की सब्सिडरी अडानी पॉवर झारखण्ड लिमिटेड (एपीजेएल) का प्लांट झारखंड के गोड्डा जिले में स्थित है। वर्ष 2022 में एपीजेएल गोड्डा का विकास भारत और बांग्लादेश के बीच हुए बिजली आपूर्ति के करार के तहत किया गया। अप्रैल 2023 में इसकी इकाई-1 और जून 2023 में इकाई-2 में बिजली उत्पादन शुरू किया गया। बांग्लादेश पॉवर डेवलपमेंट बोर्ड (बीपीडीबी) के साथ हुए पॉवर परचेस एग्रीमेंट (पीपीए) के अनुसार अडानी पॉवर प्लांट, गोड्डा से लगभग 1500 मेगा वाट बिजली बांग्लादेश को दी जाएगी। पर्यावरण मंत्रालय के मानकों को ध्यान में रखते हुए एपीजेएल में उत्सर्जन को कम करने के लिए फ्लू गैस डी-सुल्फ्युराइज़र(एफजीडी) एवं सेलेक्टिव कैटेलिटिक रीकन्वर्टर (एससीआर) प्रणाली का उपयोग होगा। अडानी समूह के इस पॉवर प्लांट से मिलने वाली बिजली से बांग्लादेश की औसत पॉवर परचेस कॉस्ट में कमी आएगी और बिजली की आवश्यकता भी पूरी होगी। यह अनुबंध दोनों देशों के रिश्तों को मजबूती प्रदान करेगा और सहविकास में एक महत्वपूर्ण निर्णय सिद्ध होगा।
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अडानी ग्रुप की अडानी पॉवर लिमिटेड कंपनी की सब्सिडरी अडानी पॉवर झारखण्ड लिमिटेड (एपीजेएल) का प्लांट झारखंड के गोड्डा जिले में स्थित है। वर्ष 2022 में एपीजेएल गोड्डा का विकास भारत और बांग्लादेश के बीच हुए बिजली आपूर्ति के करार के तहत किया गया। अप्रैल 2023 में इसकी इकाई-1 और जून 2023 में इकाई-2 में बिजली उत्पादन शुरू किया गया। बांग्लादेश पॉवर डेवलपमेंट बोर्ड (बीपीडीबी) के साथ हुए पॉवर परचेस एग्रीमेंट (पीपीए) के अनुसार अडानी पॉवर प्लांट, गोड्डा से लगभग 1500 मेगा वाट बिजली बांग्लादेश को दी जाएगी। पर्यावरण मंत्रालय के मानकों को ध्यान में रखते हुए एपीजेएल में उत्सर्जन को कम करने के लिए फ्लू गैस डी-सुल्फ्युराइज़र(एफजीडी) एवं सेलेक्टिव कैटेलिटिक रीकन्वर्टर (एससीआर) प्रणाली का उपयोग होगा। अडानी समूह के इस पॉवर प्लांट से मिलने वाली बिजली से बांग्लादेश की औसत पॉवर परचेस कॉस्ट में कमी आएगी और बिजली की आवश्यकता भी पूरी होगी। यह अनुबंध दोनों देशों के रिश्तों को मजबूती प्रदान करेगा और सहविकास में एक महत्वपूर्ण निर्णय सिद्ध होगा।